भारत की सुरक्षा स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है. एक ओर चीन सीमा पर दबाव बना रहा है, तो दूसरी ओर पाकिस्तान आतंकवाद के जरिए भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में भारतीय सेना ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘भैरव कमांडो’ बटालियन बनाने का फैसला लिया है.
ये खास कमांडो यूनिटें छोटी होंगी लेकिन बहुत ताक़तवर. इन्हें अत्याधुनिक हथियारों, ड्रोन और हाई-टेक उपकरणों से लैस किया जाएगा. इनकी पहचान होगी- तेज़ी, लचीलापन और सटीक हमला. ये इकाइयाँ पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर तैनात होंगी, और 31 अक्टूबर तक ड्यूटी पर होंगी.
सेना पहले ही 10 पैरा स्पेशल फ़ोर्स और 5 एयरबॉर्न बटालियन चला रही है. लेकिन ‘भैरव’ बटालियन इन दोनों के बीच की ज़रूरत पूरी करेंगी- यानी छोटे लेकिन ज़रूरी अभियानों के लिए इस्तेमाल होंगी, जिससे स्पेशल फ़ोर्सेस अपने बड़े और गुप्त मिशनों पर फोकस कर पाएंगी.
पहली पाँच ‘भैरव’ यूनिटें जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और पूर्वोत्तर के इलाकों में तैनात होंगी. इन्हें सेना के मौजूदा जवानों में से ही चुना जाएगा, और स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी. यह कदम भारत की रक्षा रणनीति को और आधुनिक और आक्रामक बनाएगा, जिससे देश की सीमाएं पहले से ज़्यादा सुरक्षित रहेंगी.









