भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर अब तक की सबसे बड़ी रक्षा डील होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के अगले महीने भारत दौरे के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यह डील फरवरी के मध्य तक फाइनल होने की संभावना है। इस समझौते के तहत भारत 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदेगा, जिनमें अत्याधुनिक राफेल F4 और F5 वर्जन शामिल होंगे। रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस मेगा डील की कुल लागत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
डील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि राफेल विमानों का बड़ा हिस्सा भारत में ही बनाया जाएगा। लगभग 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल होगा और नागपुर में फाइनल असेंबली लाइन स्थापित की जाएगी। इससे मेक इन इंडिया को मजबूती मिलेगी और देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।समझौता दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में भारत को 90 नए राफेल F4 विमान मिलेंगे और वायुसेना के मौजूदा 36 राफेल विमानों को भी F4 स्तर पर अपग्रेड किया जाएगा। दूसरे चरण में 24 राफेल F5 विमान खरीदे जाएंगे, जिनका निर्माण फ्रांस में होगा। राष्ट्रपति मैक्रों का दौरा 16 से 20 फरवरी के बीच प्रस्तावित है और इसी दौरान राफेल डील का आधिकारिक ऐलान संभव है।









