भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते पर सोमवार देर शाम सहमति बन गई। इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है। इसके साथ ही भारत भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसे संभावित रूप से शून्य तक लाया जा सकता है। इस समझौते से भारतीय उपभोक्ताओं को कई अमेरिकी वस्तुएं सस्ती मिलने लगेंगी। कृषि उत्पाद जैसे दाल, डेयरी और प्रोसेस्ड फूड, टेक्नोलॉजी हार्डवेयर, लैपटॉप, गैजेट्स और कंज्यूमर गुड्स की कीमतों में कमी संभव है।
निर्यात के मोर्चे पर भी भारत को फायदा होगा। कपड़ा और परिधान, ज्वेलरी और रत्न, स्टील, रसायन और इंजीनियरिंग उत्पाद अमेरिका में अधिक प्रतिस्पर्धी और सस्ते पहुंचेंगे। हालांकि, कुछ उद्योग अभी भी महंगे रह सकते हैं। स्टील, एल्यूमीनियम और कॉपर पर अमेरिकी ‘सेक्शन 232’ के तहत उच्च ड्यूटी जारी रहेगी, जबकि कुछ ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ लगभग 25% बनी रह सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के लिए बड़ा लाभ बताया। अमेरिका ने भी आश्वासन दिया कि वह भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ कटौती करेगा और भारत अमेरिकी वस्तुओं पर बाधाओं को कम करेगा।









