भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है। सरकार के अनुसार इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर तभी किए जाएंगे जब दोनों देशों के बीच नई टैरिफ व्यवस्था को पूरी तरह तय कर लिया जाएगा। वाणिज्य सचिव Rajesh Agrawal ने बताया कि भारत और United States के बीच इस समय समझौते के कई तकनीकी और नीतिगत पहलुओं पर चर्चा जारी है।
उन्होंने कहा कि दोनों देश अभी समझौते के बारीक विवरणों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। जब नई टैरिफ प्रणाली लागू हो जाएगी, तभी इस व्यापार समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।सरकार ने हाल ही में फरवरी महीने के व्यापार आंकड़े भी जारी किए हैं। इनके अनुसार फरवरी में भारत का माल निर्यात 0.81 प्रतिशत घटकर 36.61 अरब डॉलर रह गया। वहीं आयात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 24.11 प्रतिशत बढ़कर 63.71 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 51.33 अरब डॉलर था। इसके चलते फरवरी में व्यापार घाटा बढ़कर 27.1 अरब डॉलर हो गया।
हालांकि वाणिज्य सचिव का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात प्रदर्शन संतोषजनक बना हुआ है। वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल से फरवरी के बीच देश का कुल निर्यात 1.84 प्रतिशत बढ़कर 402.93 अरब डॉलर हो गया, जबकि इसी अवधि में आयात 8.53 प्रतिशत बढ़कर 713.53 अरब डॉलर पहुंच गया। अग्रवाल ने यह भी चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री मार्गों में बाधा के कारण मार्च में निर्यात प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से Strait of Hormuz के आसपास हालात तनावपूर्ण होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ रहा है।









