देश में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम लागू करने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस नई व्यवस्था की घोषणा की है। इसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस को ‘रिपोर्ट कार्ड’ की तरह माना जाएगा, जिसमें नियम उल्लंघन पर पॉइंट्स काटे जाएंगे।
नए सिस्टम में हर चालक को तय संख्या में पॉइंट्स दिए जाएंगे। ओवरस्पीडिंग, मोबाइल फोन का उपयोग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और शराब पीकर वाहन चलाने जैसी गंभीर लापरवाहियों पर पॉइंट्स घटेंगे। यदि किसी चालक के पॉइंट निर्धारित सीमा से नीचे चले जाते हैं, तो उसका लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से ट्रैफिक अनुशासन में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा था। इसलिए यह नई प्रणाली सीधे लाइसेंस पर प्रभाव डालेगी, जिससे लोग अधिक जिम्मेदारी से वाहन चलाएं और सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।









