May 2025 में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान को केवल 88 घंटों में भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस कार्रवाई ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। हालांकि इस संघर्ष से भारतीय सेना ने कई सीख भी हासिल की, खासकर कम ऊंचाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तान के ड्रोन हमलों के खतरे को लेकर। इसके बाद भारतीय सेना ने सीमाओं पर अपनी निगरानी और मारक क्षमता को बढ़ाया। तोपखाने ब्रिगेड्स की रेंज 150 किमी से बढ़ाकर 1,000 किमी कर दी गई, दो रॉकेट फोर्स यूनिट्स और दो संयुक्त हथियार ब्रिगेड्स (रुद्र ब्रिगेड) तथा 21 भैरव बटालियंस तैनात की गई।
अब सेना सीमाओं के 35 किलोमीटर क्षेत्र और तीन किलोमीटर ऊंचाई तक ड्रोन निगरानी की जिम्मेदारी निभा रही है, जिससे 97 फीसदी ड्रोन और एंटी-ड्रोन गतिविधियों का संचालन किया जा सके। चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर एयर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स स्थापित किए जा रहे हैं, जो दुश्मन ड्रोन का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम होंगे। पश्चिमी थिएटर में 10,000 और LAC पर 20,000 से अधिक ड्रोन तैनात करने की योजना है। एयरफोर्स और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय से भारतीय सेना सीमाओं की सुरक्षा और सतर्कता में लगातार वृद्धि कर रही है।









