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लाल किला ब्लास्ट के बाद UN में भारत का कड़ा संदेश, हथियार तस्करी में मददगारों पर हो सख्त कार्रवाई

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से आग्रह किया कि हथियारों की तस्करी और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने यह बात लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण धमाके के कुछ घंटे बाद कही, जिसमें 12 लोगों की मौत और 25 लोग घायल हुए थे।

हरीश ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘यूएन सिक्योरिटी काउंसिल स्मॉल आर्म्स ओपन डिबेट’ को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद का सामना कर रहा है, जिसमें सीमा पार से भेजे गए अवैध हथियारों और गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हथियार आतंकवादी समूहों के हाथों में जाने से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा होता है।

भारत के राजदूत ने अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को लंबे समय से सीमा पार से होने वाले आतंकवाद और ड्रोन के जरिए तस्करी किए गए हथियारों से नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से मांग की कि वह न केवल आतंकवादी संगठनों बल्कि उनकी मदद करने वाले देशों और व्यक्तियों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाए। हरीश ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अवैध हथियारों की आपूर्ति रोकने और आतंकवाद की जड़ों को खत्म करने के लिए समन्वित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।