भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी Indian Space Research Organisation (ISRO) ने अपने अगले चंद्र मिशनों को लेकर बड़ी जानकारी दी है। इसरो प्रमुख V. Narayanan के अनुसार चंद्रयान-4 के तहत चांद से सैंपल इकट्ठा कर उन्हें धरती पर वापस लाने की योजना है, जबकि चंद्रयान-5 में ज्यादा वजन वाला और लंबी मिशन लाइफ वाला लैंडर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि Chandrayaan-3 में लैंडर की लाइफ करीब 14 दिन थी, जबकि आने वाले मिशन में इसे लगभग 100 दिन तक बढ़ाने की योजना है। साथ ही नए मिशन में करीब 350 किलो का रोवर भेजा जा सकता है, जो पहले के 25 किलो रोवर से काफी बड़ा होगा।
इसरो प्रमुख ने यह भी बताया कि भारत वीनस ऑर्बिटर मिशन, दूसरा मार्स लैंडिंग मिशन और मानव अंतरिक्ष मिशन Gaganyaan पर भी काम कर रहा है। भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाना और 2040 तक भारतीयों को चांद पर भेजना है। गौरतलब है कि Chandrayaan-3 की सफलता के साथ भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बन गया था, जिसने वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की बड़ी उपलब्धि दर्ज कराई।









