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होर्मुज संकट के बीच भारत सतर्क, तेल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक रणनीति तैयार

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम मार्ग के संभावित बंद होने से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल देश को कच्चे तेल की आपूर्ति में किसी बड़े संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। भारत के पास 10 से 15 दिन का कच्चा तेल भंडार उपलब्ध है, जबकि तैयार ईंधन का स्टॉक भी 7 से 10 दिन की जरूरत पूरी कर सकता है।

यदि हालात बिगड़ते हैं, तो भारत ने आकस्मिक योजनाएं तैयार कर रखी हैं। जरूरत पड़ने पर आयात स्रोतों में बदलाव किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, रूस से तेल आयात बढ़ाने के साथ-साथ वेनेजुएला, ब्राजील और अफ्रीकी देशों से भी खरीद बढ़ाई जा सकती है।

हालांकि आपूर्ति पर असर पड़ने की स्थिति में कीमतों में उछाल संभव है। ब्रेंट क्रूड हाल ही में 73 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा है और बाधा आने पर यह 80 डॉलर तक जा सकता है। फिलहाल भारत स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कदम उठा रहा है।