ऑपरेशन सिंदूर और बढ़े हुए तनाव के बीच भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को एक अहम कूटनीतिक प्रक्रिया के तहत एक-दूसरे को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की सूची सौंपी। यह सूची नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ डिप्लोमैटिक चैनलों के माध्यम से एक्सचेंज की गई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह प्रक्रिया 1988 में हुए उस द्विपक्षीय समझौते के तहत होती है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों को एक-दूसरे के परमाणु ठिकानों पर हमला करने से रोकना है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह 35वीं बार है जब भारत और पाकिस्तान ने परमाणु ठिकानों की सूची साझा की है। पहली बार यह प्रक्रिया 1 जनवरी 1995 को शुरू हुई थी और तब से हर साल नए साल की शुरुआत में यह औपचारिकता निभाई जाती रही है। यह सूची साझा करने की प्रक्रिया ऐसे समय में हुई है, जब पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के चलते भारत-पाक रिश्तों में तनाव बना हुआ है। इसके बावजूद, यह कदम दर्शाता है कि दोनों देश न्यूनतम कूटनीतिक दायित्वों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन जारी रखे हुए हैं।









