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बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा, सरकार और प्रशासन की भूमिका पर उठते सवाल

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे देश की कानून-व्यवस्था और सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. बीते कुछ हफ्तों में हत्या, लिंचिंग और यौन हिंसा जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 से 18 दिनों के भीतर छह हिंदुओं की हत्या की गई है. नरसिंगदी में एक हिंदू किराना दुकानदार की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, जबकि जेस्सोर में एक हिंदू व्यापारी को गोली मार दी गई.

कुछ मामलों में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या और जिंदा जलाने की घटनाएं भी सामने आई हैं. आरोप है कि कई जगहों पर कट्टरपंथी तत्व बहाने बनाकर हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं, जिनमें जबरन वसूली, झूठे आरोप और धार्मिक पहचान को आधार बनाया जा रहा है. एक मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जहां कथित तौर पर पीड़ित को भीड़ के हवाले कर दिया गया.

इन घटनाओं के बीच पुलिस ने कुछ मामलों में जांच और चार्जशीट दाखिल करने की बात कही है, जैसे छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या में 17 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई. हालांकि, हिंदू समुदाय और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ज़मीनी स्तर पर सख्त और प्रभावी कदमों की कमी साफ दिख रही है.