Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश में 3.26 करोड़ वोटर्स को नोटिस, चुनाव आयोग ने क्लेम-ऑब्जेक्शन की डेडलाइन बढ़ाई

उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जा रहा है। यह कदम गणना फार्म (मैपिंग) के दौरान पाई गई तार्किक विसंगतियों के कारण उठाया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 1.04 करोड़ मतदाताओं में पिता का नाम या पिता-पुत्र की उम्र में 15 साल से कम का अंतर पाया गया, इसलिए इन्हें वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया जा रहा और नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 86 लाख नोटिस डिलीवर किए जा चुके हैं और करीब 30 लाख मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है।

चुनाव आयोग ने मतदाताओं को क्लेम और ऑब्जेक्शन दर्ज करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी से बढ़ाकर 6 मार्च कर दी है। मतदाता इस अवधि में अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं, और फाइनल वोटर लिस्ट 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। वोटर्स की मदद के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) सभी वर्किंग डेज़ में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक पोलिंग बूथ पर उपस्थित रहेंगे।

उत्तर प्रदेश के चीफ इलेक्शन ऑफिसर नवदीप रिनवा ने भरोसा दिलाया कि किसी भी एलिजिबल वोटर का नाम बिना सही वेरिफिकेशन हटाया नहीं जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने नाम की हिंदी और इंग्लिश स्पेलिंग अपने आधार कार्ड से मिलान कर लें, ताकि भविष्य में ऑनलाइन सुधार आसानी से किया जा सके। इस कदम से चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हर योग्य मतदाता की पहचान सही और अपडेटेड रहे और आगामी चुनाव में किसी भी मतदाता को कठिनाई न हो।