नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2025 — हुंडई मोटर इंडिया (HMIL) ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़े निवेश की घोषणा की है। कंपनी 2026 से 2030 के बीच देश में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह निवेश भारत में कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए मॉडल लाने और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगा।
नए मॉडल और निवेश का ब्योरा
हुंडई ने बताया है कि कुल निवेश का 60 प्रतिशत हिस्सा उत्पाद विकास और अनुसंधान पर खर्च किया जाएगा, जबकि शेष 40 प्रतिशत राशि उत्पादन क्षमता और तकनीकी उन्नयन में लगाई जाएगी।
कंपनी 2030 तक 26 नए मॉडल पेश करेगी, जिनमें 7 नए प्रोडक्ट, 6 मॉडल अपडेट, 6 वेरिएंट और 7 फेसलिफ्ट शामिल होंगे। इन मॉडलों में 5 इलेक्ट्रिक और 8 हाइब्रिड वाहन होंगे, जो हुंडई की ग्रीन मोबिलिटी रणनीति को आगे बढ़ाएंगे।
लक्जरी और ऑफ-रोड सेगमेंट में भी करेगी एंट्री
हुंडई आने वाले वर्षों में MPV और ऑफ-रोडर SUV सेगमेंट में भी कदम रखेगी। साथ ही कंपनी 2027 में अपने लक्जरी ब्रांड ‘जेनेसिस’ की पहली भारत में निर्मित कार लॉन्च करेगी। इसके अलावा, हुंडई जल्द ही अपनी पहली ‘मेड इन इंडिया’ कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक SUV भी पेश करेगी, जिसमें लेवल 2 ADAS और लंबी रेंज की सुविधा होगी।
इन योजनाओं के साथ कंपनी का लक्ष्य भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना है।
नेतृत्व में बदलाव
हुंडई मोटर इंडिया ने तरुण गर्ग को 1 जनवरी 2026 से नया प्रबंध निदेशक और CEO नियुक्त किया है। वे उनसू किम की जगह लेंगे, जो दिसंबर 2025 में दक्षिण कोरिया लौटेंगे।
तरुण गर्ग ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग और IIM लखनऊ से MBA किया है। इससे पहले उन्होंने मारुति सुजुकी में कई अहम पदों पर कार्य किया है।









