Himachal

हमीरपुर में बनेगा का हिमाचल का पहला एकीकृत एक्वा पार्क, लागत 25 करोड़ रुपये

हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हमीरपुर जिले के नादौन में राज्य का पहला एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। भूमि का चयन हो चुका है और आईसीएआर-सीआईएफए भुवनेश्वर द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है।

यह पार्क रोजगार और स्वरोजगार का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा ग्रामीण युवाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया माध्यम सिद्ध होगा। अत्याधुनिक फ्रेश वाटर एक्वाकल्चर तकनीक से यह परियोजना मछली पालन के क्षेत्र में नई क्रांति लाएगी। इसमें मछली बीज उत्पादन, आहार निर्माण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों और युवाओं की आय में वृद्धि होगी।

पार्क में मछली आहार निर्माण इकाई, प्रदर्शन केंद्र और प्रशिक्षण संस्थान भी स्थापित होंगे, जहां बेरोजगार युवाओं को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा। भारतीय मेजर कार्प, जयंती रोहू, अमृत कतला, मृगल, और हंगेरियन-अमूर स्ट्रेन माइनर कार्प जैसी प्रजातियों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन पर जोर रहेगा। इसके साथ ही कैटफिश, गोल्ड फिश, कोई कार्प, गप्पी और मौली जैसी सजावटी मछलियों के पालन को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

पार्क में हैचरी, नर्सरी, ब्रूड स्टॉक सेंटर, बायोफ्लोक, आरएएस तकनीक, फीड मिल, सार्वजनिक एक्वेरियम, विपणन केंद्र, क्वारंटीन लैब और अपशिष्ट उपचार संयंत्र जैसी सुविधाएं होंगी।मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। मत्स्य पालन क्षेत्र किसानों की आय दोगुनी करने में अहम भूमिका निभा सकता है, और आधुनिक तकनीक के जरिये इसे गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा ताकि हिमाचल का युवा आत्मनिर्भर बन सके।