भारतीय सेना ने कठिन पहाड़ी इलाकों में लॉजिस्टिक सपोर्ट को मजबूत करने के लिए स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड मोनोरेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैनात किया है। यह अनूठा और अत्याधुनिक सिस्टम समुद्र तल से 16,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर काम कर रहा है और दुर्गम इलाकों में सामान और रसद तेजी से पहुंचाने में मदद कर रहा है। सेना के अधिकारियों के अनुसार, यह सिस्टम पिछले चार महीनों से लगातार दिन-रात काम कर रहा है और शून्य से नीचे तापमान, बर्फीले तूफान और कठिन पहाड़ी इलाके जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी क्षमता साबित कर चुका है। मोनोरेल प्रणाली अग्रिम चौकियों तक जरूरी उपकरण, सामान और रसद पहुंचाने में बेहद कारगर साबित हो रही है।
यह तकनीक एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो चुकी है, और इसे भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सेना का कहना है कि यह स्वदेशी मोनोरेल न केवल ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में सीमावर्ती इलाकों में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के नए रास्ते भी खोलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह हाई-एल्टीट्यूड मोनोरेल सिस्टम भारतीय सेना के लिए एक गेम चेंजर साबित हो रहा है, जो दुर्गम इलाकों में सप्लाई चेन को ज्यादा मजबूत, भरोसेमंद और कुशल बना रहा है।









