Haryana

हरियाणा बजट सत्र की शुरुआत: राज्यपाल ने 2047 तक कार्बन-नेगेटिव सहित छह बड़े संकल्प रखे

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन राज्यपाल आशिम कुमार घोष ने सदन को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में छह प्रमुख संकल्प प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने भाषण में वर्ष 2047 तक हरियाणा को कार्बन-नेगेटिव राज्य बनाने का लक्ष्य रखा, जिसके लिए ट्रिपल-सी (स्वच्छ, कार्बन-नेगेटिव और अनुकूल वातावरण) दृष्टिकोण अपनाने की बात कही।

राज्यपाल ने ट्रिपल-एस मॉडल के तहत सुरक्षित और सतत नीतियों से वित्तीय व सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, ट्रिपल-आई रणनीति के जरिए एआई नवाचार व औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और हरियाणा को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। कृषि क्षेत्र में ट्रिपल-ई (समानतापूर्ण, पर्यावरण-अनुकूल और प्रयोगात्मक खेती) मॉडल से जल संरक्षण व तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई। शिक्षा व कौशल विकास के लिए ट्रिपल-आर (रीइमैजिन, रीडिजाइन, रीइन्वेस्ट) तथा प्रत्येक परिवार की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ट्रिपल-एच (स्वस्थ, आशावान, खुशहाल) दृष्टिकोण पर जोर दिया गया।

सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित सभी विधायक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री 2 मार्च को वित्त मंत्री के रूप में राज्य का दूसरा वार्षिक बजट पेश करेंगे। सत्र 18 मार्च तक चलेगा, जबकि 23 से 26 फरवरी तक राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और 27 फरवरी को मुख्यमंत्री का जवाब निर्धारित है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सत्र चर्चा में है। विधानसभा के इतिहास में पहली बार मार्शल की जगह हरियाणा पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं और डीएसपी रैंक के अधिकारी ‘चीफ मार्शल’ की भूमिका निभाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह सत्र न केवल बजट बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों की दिशा भी तय करेगा।