हरियाणा के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री Nayab Singh Saini ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। कुल 2,23,658.17 करोड़ रुपये के इस बजट में राज्य के विकास के साथ-साथ महिलाओं, किसानों और छात्रों के कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है। यह मुख्यमंत्री सैनी का बतौर वित्त मंत्री दूसरा बजट था। बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2026 से 2031 तक हरियाणा को केंद्रीय करों में 1.361 प्रतिशत वार्षिक हिस्सा मिलेगा, जिससे कुल हिस्सेदारी में करीब 24.52 प्रतिशत वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि देशभर में केंद्रीय करों में सबसे ज्यादा वृद्धि हरियाणा के हिस्से में हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य के राजस्व का करीब 14.2 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय करों से प्राप्त होगा।
बजट में वित्तीय अनुशासन पर भी जोर दिया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध ऋण भुगतान 40,148 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जबकि राजस्व घाटा जीडीपी के मुकाबले 2.66 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं 2026-27 में इसे 2.6 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है। पूंजीगत व्यय के लिए 28,205 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जो कुल बजट का लगभग 12.6 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025-26 के कुल बजट का 98 प्रतिशत खर्च पहले ही किया जा चुका है। पिछला बजट 2,02,5017 करोड़ रुपये का था और 31 मार्च 2026 तक कुल खर्च करीब 2,20,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसके अलावा, राज्य के घाटे में चलने वाले सरकारी उपक्रमों की संख्या घटकर 18 रह गई है और उनका कुल घाटा 1012 करोड़ रुपये तक सीमित हो गया है। सरकार का दावा है कि इन नीतियों से राज्य के आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया जाएगा।









