हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश सरकार जल्द ही पीएम ई-बस सेवा के तहत पांच जिलों में 250 नई इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलाने जा रही है। खास बात यह है कि अब तक 12 मीटर लंबी बसों के संचालन के बाद पहली बार 9 मीटर लंबी छोटी बसें सड़कों पर उतरेंगी, जिससे संकरी गलियों और तंग मार्गों पर भी बस सेवा आसानी से पहुंच सकेगी। परिवहन विभाग के अनुसार पानीपत, यमुनानगर, करनाल, रोहतक और हिसार के शहरी क्षेत्रों में 50-50 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
बसों की खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार है और हाई पावर परचेज कमेटी की मंजूरी के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे पहले राज्य सरकार मार्च 2024 में 9 जिलों—पंचकूला, हिसार, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत, करनाल, पानीपत, यमुनानगर और अंबाला में सिटी बस सेवा शुरू कर चुकी है। बाद में कुरुक्षेत्र को भी इसमें शामिल किया गया। फिलहाल 12 मीटर लंबी 375 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है, जिनमें से 65 बसें चल रही हैं।
9 मीटर लंबी बसों में 32 सीटें होंगी, जबकि 12 मीटर बसों में 45 सीटें रहती हैं। इन बसों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग और 50 किमी/घंटा से अधिक गति होने पर अलर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। छोटी लंबाई के कारण इन्हें मोड़ने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चलाने में आसानी होगी, जिससे शहरों में नए रूट भी विकसित किए जा सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे ऑटो पर निर्भरता कम होगी और ट्रैफिक व वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। एनसीआर में शामिल प्रदेश के 14 जिलों में भी इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य परिवहन विभाग के महानिदेशक प्रदीप कुमार के मुताबिक, मंजूरी मिलते ही बसों की खरीद और संचालन की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।









