भारत आज अपने अब तक के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 की मेजबानी कर रहा है। यह भव्य आयोजन आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट पर आयोजित किया गया है, जहां 18 देशों के 19 युद्धपोत भारतीय नौसेना के साथ समुद्री सहयोग और साझेदारी की ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रिव्यू एंकरेज एरिया में एकत्रित नौसैनिक बेड़े का औपचारिक निरीक्षण करेंगी। वे स्वदेश निर्मित नेवल ऑफशोर पेट्रोल वेसल INS सुमेधा पर सवार होकर प्रेसिडेंशियल कॉलम का नेतृत्व करेंगी।
तीसरी बार भारत में आयोजन
भारत ने पहला अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू वर्ष 2001 में मुंबई में और दूसरा 2016 में विशाखापत्तनम में आयोजित किया था। अब तीसरी बार यह प्रतिष्ठित आयोजन विशाखापत्तनम में हो रहा है। IFR 2026 को भारतीय नौसेना के इतिहास का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय समुद्री आयोजन माना जा रहा है। इस वर्ष का थीम है — “United Through Oceans” (महासागरों के जरिए एकता), जो वैश्विक समुद्री सहयोग और साझेदारी की भावना को दर्शाता है।
18 देशों की भागीदारी
इस फ्लीट रिव्यू में जिन देशों के जहाज शामिल हो रहे हैं, उनमें सेशेल्स, इंडोनेशिया, मालदीव, थाईलैंड, ओमान, ईरान, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, जापान, म्यांमार, वियतनाम, यूएई, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, रूस, बांग्लादेश और श्रीलंका शामिल हैं। इन देशों के नौसैनिक अधिकारी आपसी संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और पेशेवर सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक मंच पर एकत्र हुए हैं।
समुद्री ताकत का भव्य प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान एंकर्ड जहाजों के साथ-साथ वॉरशिप और पनडुब्बियों का ‘स्टीम पास्ट’, नौसैनिक विमानों का फ्लाईपास्ट, सेलिंग वेसल की परेड, हेलीकॉप्टर द्वारा सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) प्रदर्शन और मरीन कमांडो का विशेष प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता और तकनीकी दक्षता को प्रदर्शित करता है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका और वैश्विक समुद्री सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 भारत की समुद्री कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशाखापत्तनम का तट आज वैश्विक नौसैनिक सहयोग का केंद्र बना हुआ है, जहां समुद्र के रास्ते एकता और विश्वास का संदेश पूरी दुनिया को दिया जा रहा है।









