केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने India AI Impact Summit 2026 में कहा कि सरकार सोशल मीडिया पर उम्र-आधारित सीमाएं लागू करने पर टेक कंपनियों से चर्चा कर रही है, ताकि युवा सुरक्षित रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई फाइनल नियम या उम्र की सीमा तय नहीं की गई है लेकिन यह कदम बच्चों और कम उम्र के यूजर्स की सुरक्षा के लिए उठाया जा रहा है।
वैष्णव ने बताया कि भारत AI और सेमीकंडक्टर मिशन में भारी निवेश कर रहा है। अगले दो सालों में AI स्टैक की पांच लेयर में $200 बिलियन से अधिक का निवेश देखने को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है सॉवरेन AI मॉडल, चिप डिज़ाइन और इन्फ्रास्ट्रक्चर में आत्मनिर्भरता बढ़ाना, ताकि डीपफेक जैसी तकनीकी चुनौतियों का मुकाबला किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने इंडस्ट्री, एकेडेमिया और सरकार के तीन मोर्चों पर काम होने की जानकारी दी: मौजूदा टैलेंट का रीस्किलिंग, नई टैलेंट पाइपलाइन का निर्माण और आने वाली पीढ़ी को नई तकनीक के लिए तैयार करना। उन्होंने कहा कि भारत में 50% से अधिक पावर जनरेशन क्लीन सोर्स से होती है, जिससे देश को ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्र में मजबूत आधार मिला है।
अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, मेटा और X को भारत के कानूनी और सांस्कृतिक दायरे का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीपफेक और गलत जानकारी के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए मजबूत नियमों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि क्रिएट इन इंडिया पहल के तहत आने वाले सालों में कम से कम 50 डीप-टेक कंपनियां उभरेंगी और भारत वैश्विक तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनेगा।









