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‘संचार साथी ऐप’ विवाद पर सरकार ने कहा बहस को तैयार, विपक्ष ने लगाया निगरानी का आरोप

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संचार साथी ऐप को लेकर विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सभी मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है और विपक्ष को अनावश्यक विवाद खड़ा करने की आवश्यकता नहीं है। रिजिजू के अनुसार, संसद के लिए विस्तृत कार्यसूची तैयार है जिसमें विपक्ष द्वारा उठाए गए विषय भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे का इस्तेमाल संसद को ठप करने के साधन के रूप में नहीं होना चाहिए और सरकार लगातार विपक्षी नेताओं से संवाद कर रही है।

वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने ऐप को “जासूसी उपकरण” बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की निजता में हस्तक्षेप कर सरकार देश को तानाशाही की ओर ले जा रही है। प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से बच रही है और विपक्ष को दोषी ठहराना आसान रास्ता है।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी संचार साथी ऐप को मोबाइल में प्री-इंस्टॉल करने के दूरसंचार विभाग के निर्देशों को “निगरानी का काला औजार” करार दिया। उन्होंने कहा कि इसे निष्क्रिय न कर पाना नागरिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है और उपयोगकर्ताओं की गतिविधियों पर नज़र रखने की आशंका पैदा करता है। वेणुगोपाल ने जॉर्ज ऑरवेल की 1984 का उदाहरण देते हुए इसे असंवैधानिक बताया।