मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण भारत की गैस आपूर्ति पर संकट गहरा गया है। गुजरात गैस लिमिटेड ने अपने सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स में फोर्स मेज्योर लागू करने की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि आरएलएनजी की उपलब्धता गंभीर रूप से सीमित हो गई है, इसलिए 6 मार्च से गैस की आपूर्ति में कटौती की जाएगी। इसके पहले भारत की सबसे बड़ी गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी ने भी अपने सप्लायर कतर एनर्जी और घरेलू ग्राहकों को फोर्स मेज्योर की सूचना दी थी। इसका कारण कतर के रास लफ्फान एलएनजी प्लांट में परिचालन बंद होना बताया जा रहा है, जो वैश्विक एलएनजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा संभालता है।
कतर में एक ड्रोन हमले के बाद संयंत्र बंद किया गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत अपनी एलएनजी जरूरत का लगभग आधा हिस्सा कतर से आयात करता है, इसलिए इस व्यवधान का असर भारतीय उद्योगों पर भी दिखने लगा है। गैस आपूर्ति में कमी का असर पहले से ही कुछ उर्वरक संयंत्रों के उत्पादन पर पड़ रहा है, जिनमें इफ्को और कृभको जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि अभी घरेलू उपयोग और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए गैस आपूर्ति में कोई बड़ी कटौती घोषित नहीं की गई है।









