Bihar Politics

नीतीश कुमार से निशांत कुमार तक!, बिहार में JDU का नया युग शुरू

बिहार की राजनीति में नया मोड़ आ रहा है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar अब अपने बेटे Nishant Kumar को जनता दल यूनाइटेड (JDU) में सक्रिय भूमिका देने की तैयारी कर रहे हैं। निशांत की आधिकारिक एंट्री 8 मार्च 2026 को होगी, जो नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले से जुड़ी हुई प्रतीत होती है।

नीतीश कुमार ने लंबे समय तक परिवारवाद के खिलाफ आवाज उठाई और खुद को इसे न मानने वाला नेता पेश किया। लालू प्रसाद यादव पर परिवारवाद के आरोप लगाते हुए उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बताया। अब इस फैसले से JDU को उत्तराधिकारी मिल रहा है, लेकिन आलोचक इसे नीतीश का ‘यू-टर्न’ कह रहे हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और राजीव रंजन सिंह ने पुष्टि की है कि निशांत को संगठनात्मक जिम्मेदारी दी जाएगी और संभव है कि उन्हें भविष्य में डिप्टी सीएम पद भी मिले। JDU कार्यकर्ता मानते हैं कि निशांत ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर बेहतर काम कर सकते हैं।

हालांकि विपक्ष और सोशल मीडिया पर इस कदम को परिवारवाद की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। 2030 के विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा बड़ा हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि निशांत की एंट्री JDU के लिए जोखिम और अवसर दोनों लेकर आई है। यदि निशांत सफल हुए, तो पार्टी की छवि मजबूत होगी; नहीं तो परिवारवाद का आरोप बढ़ सकता है। बिहार अब ‘नीतीश युग’ से ‘निशांत युग’ की ओर कदम बढ़ा रहा है।