अभिनेता अनिल कपूर आज 69 वर्ष के हो गए हैं और अपनी उम्र से कहीं अधिक ऊर्जा और फिटनेस के लिए जाने जाते हैं। लंबे करियर और शानदार अभिनय के बावजूद उनके शुरुआती दिन उतने ही संघर्षपूर्ण थे, जितने कि किसी सपनों की कहानी में दिखते हैं।
मुंबई में अपने शुरुआती दिनों में अनिल कपूर का परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। ऐसे में उन्हें अपने दूर के रिश्तेदार और फिल्म निर्माता राज कपूर के गैराज में रहना पड़ा। बाद में परिवार ने चॉल में एक किराए के फ्लैट में शिफ्ट किया। उस समय, राज कपूर भी अपनी फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ के फ्लॉप होने के कारण आर्थिक दबाव में थे।
अनिल कपूर ने अपने परिवार का खर्च चलाने और अभिनय के सपनों को पूरा करने के लिए कई तरह की नौकरियां कीं। उन्होंने फिल्म सेट पर स्पॉट बॉय के रूप में काम किया और कुछ समय के लिए काला बाजार में फिल्मों के टिकट भी बेचे। ये सब कठिनाइयाँ उनके दृढ़ संकल्प और सपनों के प्रति जुनून को दर्शाती हैं।
अभिनय के प्रति उनकी लगन ने उन्हें हिंदी और तेलुगु फिल्मों में छोटे रोल्स से शुरू करके मुख्य भूमिकाओं तक पहुंचाया। उनकी पहली प्रमुख हिंदी फिल्म ‘वो सात दिन’ (1983) उनके करियर का मील का पत्थर साबित हुई। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई और हॉलीवुड फिल्मों में भी अभिनय कर चुके हैं।
आज अनिल कपूर ने न केवल बॉलीवुड में अपनी अलग छवि बनाई है, बल्कि लगभग 134 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक भी हैं। करीब 40 साल लंबे करियर में 100 से अधिक फिल्मों में काम कर उन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत का परिणाम हासिल किया। गैरेज में बिताए गए कठिन दिन और छोटी नौकरियों ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया, जहां वे आज हैं – एक सफल अभिनेता और प्रेरणास्त्रोत।









