National

डिजिटल फूड करेंसी से मुफ्त राशन, चंडीगढ़, पुडुचेरी और गुजरात में पायलट प्रोजेक्ट शुरू

सरकार अगले महीने चंडीगढ़, पुडुचेरी और गुजरात के तीन जिलों में एक नए डिजिटल फूड कूपन पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रही है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर सीधे डिजिटल कूपन मिलेंगे, जिन्हें वे राशन दुकानों पर QR कोड स्कैन कर रिडीम कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य देश के सबसे बड़े मुफ्त खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम में पारदर्शिता बढ़ाना, गड़बड़ियों को रोकना और लाभार्थियों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की झंझट से बचाना है। डिजिटल कूपन प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि सब्सिडी केवल अनाज खरीदने के लिए ही इस्तेमाल हो, किसी और मकसद के लिए नहीं।

सरकार इस योजना को तीन क्षेत्रों में प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (POC) के रूप में शुरू करेगी। पायलट प्रोजेक्ट में लाभार्थियों की संख्या सीमित होगी ताकि प्रणाली की व्यवहार्यता और कार्यकुशलता का परीक्षण किया जा सके। इसके अलावा, डिजिटल कूपन के इस्तेमाल के लिए समय सीमा निर्धारित की जाएगी, ताकि अनावश्यक जमा होने की संभावना न रहे। इस महीने की शुरुआत में अहमदाबाद में 25 लाभार्थियों के साथ योजना का सॉफ्ट लॉन्च किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, अब तक लगभग 2,000 सफल लेन-देन पूरे हो चुके हैं। अगले पायलट प्रोजेक्ट में आनंद, साबरमती और दाहोद जिले शामिल होंगे।

चंडीगढ़ और पुडुचेरी में पहले से ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अनाज वितरण किया जाता रहा है। वहीं, डिजिटल फूड करेंसी के तहत ऐसे आउटलेट्स और राशन दुकानों की पहचान की जाएगी, जिनके माध्यम से लाभार्थियों को मुफ्त अनाज मिलेगा। फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और राज्य एजेंसियां इसका स्टॉक सप्लाई करेंगी। सरकार उन लोगों के लिए भी विकल्प तलाश रही है जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, ताकि वे भी डिजिटल फूड कूपन का लाभ उठा सकें। इस नए सिस्टम से लाभार्थियों को सहज और सुरक्षित तरीके से मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा सकेगा।