World

पेरिस में बना फ्रांस का पहला हिंदू मंदिर, भारत से लाए गए पत्थरों से हुआ शिला पूजन

फ्रांस में भारत के राजदूत संजीव कुमार सिंगला ने सोमवार को पेरिस के बुसी-सेंट-जॉर्जेस में नए हिंदू मंदिर के लिए भारत से लाए गए पत्थरों का औपचारिक स्वागत किया। यह मंदिर फ्रांस में अपनी तरह का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर होगा। भारत के कुशल कारीगरों द्वारा तराशे गए पत्थरों को अब फ्रांस में फ्रांसीसी पत्थर के विशेषज्ञ जोड़ेंगे, जिससे भारतीय और फ्रांसीसी स्थापत्य और शिल्प कौशल का अनोखा मेल देखने को मिलेगा।

संजीव कुमार सिंगला ने कहा कि यह मंदिर दो महान वास्तुकला परंपराओं के मेल और उत्कृष्ट शिल्प कौशल का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय और फ्रांसीसी कारीगरों का मिलन दोस्ती, सम्मान और सहयोग की मिसाल है। यह मंदिर न केवल पूजा के लिए, बल्कि संस्कृति, शिक्षा और सामुदायिक जुड़ाव के लिए भी समर्पित होगा। मंदिर के लिए चुने गए पत्थरों को भारत में पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक विधियों से तराशा गया। फ्रांसीसी कारीगरों, जिनमें नोट्रे-डेम कैथेड्रल की मरम्मत में शामिल विशेषज्ञ भी हैं, इन पत्थरों को जोड़ेंगे। इस परियोजना को BAPS UK और यूरोप के ट्रस्टी संजय कारा ने ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया और कहा कि यह मंदिर भारतीय परंपरा और फ्रांसीसी इंजीनियरिंग के साझा सम्मान और सहयोग का प्रतीक बनेगा।

फ्रांसीसी धार्मिक सलाहकार जीन-क्रिस्टोफ़ पोसेल ने कहा कि यह मंदिर केवल वास्तुकला का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और मानवीय साझेदारी का प्रतीक है। स्थानीय अधिकारी एलेन न्गौटो ने भी इसे भारतीय-फ्रांसीसी दोस्ती का बिल्डिंग ब्लॉक बताया और कहा कि दोनों देशों की प्रतिभाएं मिलकर एक शानदार संरचना का निर्माण कर रही हैं। यह मंदिर भविष्य में दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग और दोस्ती का स्थायी प्रतीक बनकर उभरेगा, जो न केवल धार्मिक आस्था बल्कि शिक्षा, कला और समुदाय सेवा के लिए भी मार्गदर्शक होगा।