भारतीय अर्थशास्त्री कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यम को प्रोफेशनल अचीवमेंट के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के प्रतिष्ठित एलुमनाई अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। 85 साल के इतिहास में यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय अर्थशास्त्री बन गए हैं। सुब्रमण्यम वर्ष 2018 से 2021 तक भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) रहे। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
इस अवॉर्ड के साथ उनका नाम उन वैश्विक हस्तियों की सूची में शामिल हो गया है, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता पॉल सैमुएलसन, गैरी बेकर, क्लाउडिया गोल्डिन, वैज्ञानिक कार्ल सागन और मार्केटिंग विशेषज्ञ फिलिप कोटलर जैसे दिग्गज शामिल हैं। यूनिवर्सिटी ने सरकार में रहते हुए उनके द्वारा तैयार किए गए आर्थिक सर्वेक्षणों की खास तौर पर सराहना की। इन रिपोर्ट्स को लैंडमार्क डॉक्यूमेंट बताते हुए कहा गया कि इन्होंने भारत की आत्मनिर्भरता, प्रतिस्पर्धी बाजार और दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए मजबूत बौद्धिक आधार प्रदान किया।
कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक झटके पर उनके शुरुआती विश्लेषण और वी-शेप्ड रिकवरी को लेकर दिए गए आकलन को भी महत्वपूर्ण माना गया, जिसने भारत की आर्थिक मजबूती पर विश्वास बढ़ाने में भूमिका निभाई।फिलहाल कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यम इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) में फाइनेंस के प्रोफेसर हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर, आईआईएम कलकत्ता और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। इस सम्मान के साथ उन्हें अपने तीनों प्रमुख संस्थानों — आईआईटी कानपुर, आईआईएम कलकत्ता और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो — से विशेष एलुमनस ऑनर्स भी मिल चुके हैं।









