नई दिल्ली, 1 नवंबर।
त्योहारों के मौसम में बढ़ी मांग और जीएसटी दरों में हालिया कटौती के चलते अक्टूबर 2025 में सरकार का जीएसटी कलेक्शन 4.6 प्रतिशत बढ़ गया। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अक्टूबर 2024 के 1.87 लाख करोड़ रुपये की तुलना में अधिक है।
सरकार ने 22 सितंबर से 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की थी। यह नवरात्रि का पहला दिन था — जिसे शुभ खरीदारी के लिए बेहतर समय माना जाता है। रसोई के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर तक इस कटौती का असर साफ दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में दिवाली से पहले जीएसटी दरों में कमी का संकेत दिया था। इसके बाद उपभोक्ताओं ने रेट कट का इंतजार करते हुए अपनी खरीदारी कुछ समय के लिए रोक दी थी, जिससे अक्टूबर में एक साथ मांग में उछाल देखने को मिला।
बीते महीनों की तुलना में रफ्तार थोड़ी धीमी
हालांकि अक्टूबर का कलेक्शन त्योहारी मांग के चलते बढ़ा, लेकिन यह पिछले महीनों की औसत वृद्धि दर से कुछ कम रहा। अगस्त और सितंबर में जीएसटी संग्रह क्रमशः 1.86 लाख करोड़ और 1.89 लाख करोड़ रुपये रहा था।
सकल घरेलू राजस्व (जो घरेलू बिक्री का संकेतक है) अक्टूबर में 2 प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा। वहीं आयात कर में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 50,884 करोड़ रुपये रहा।
रिफंड में भी आई तेजी
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक जीएसटी रिफंड सालाना आधार पर 39.6 प्रतिशत बढ़कर 26,934 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अक्टूबर 2025 में शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.69 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक है।









