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EPFO ने निकासी नियमों में दी बड़ी राहत, कर्मचारियों को मिलेगा आसान PF फंड एक्सेस

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 238वें सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में कई अहम फैसले लिए, जिनसे देश के 30 करोड़ से ज्यादा पीएफ खाताधारकों को फायदा होगा. अब खाताधारक कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के अंशदान को एक साथ निकाल सकेंगे, जबकि पहले ये निकासी अलग-अलग होती थी, जिससे परेशानियां होती थीं.

निकासी के नियमों को सरल बनाकर अब केवल तीन प्रमुख कारण रखे गए हैं. आवश्यक जरूरतें (जैसे शिक्षा, शादी, बीमारी), आवास खर्च, और विशेष परिस्थितियां. इसके बावजूद खाते में न्यूनतम 25% राशि बनी रहनी चाहिए ताकि सदस्य सालाना 8.25% ब्याज का लाभ जारी रख सकें. शादी के लिए अब पांच बार और शिक्षा के लिए दस बार निकासी की अनुमति मिलेगी, जो पहले क्रमशः तीन बार तक सीमित थी.

निकासी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है, जिससे दस्तावेज जमा करने की जरूरत खत्म हो जाएगी और प्रक्रिया तेज व आसान होगी. इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिक अब डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट घर बैठे जमा कर सकेंगे, जो खासकर ग्रामीण पेंशनर्स के लिए राहत साबित होगा.

EPFO ने ‘विश्वास’ नामक नई योजना भी शुरू की है, जिसमें विलंबित पीएफ भुगतान पर लगने वाले दंड को घटाकर मात्र 1% प्रति माह कर दिया गया है. ये सुधार पीएफ फंड की निकासी को पारदर्शी, सुलभ और कर्मचारी हितैषी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं. इससे अब कर्मचारियों को अपनी जमा रकम तक बेहतर और आसान पहुंच मिलेगी.