Punjab

पुरानी पेंशन और वेतनमान बहाली को लेकर संगरूर में कर्मचारियों का शक्ति प्रदर्शन

पंजाब के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर संगरूर में राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारी वेरका मिल्क प्लांट के नजदीक एकत्र हुए और वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शन का नेतृत्व ‘पुराने स्केल, पेंशन और भत्ता बहाली मोर्चा’ के पदाधिकारियों ने किया।

मार्च के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को तुरंत लागू करने की अपील की। हालांकि मुख्यमंत्री आवास से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोक दिया। कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, लेकिन हालात को शांतिपूर्वक नियंत्रित कर लिया गया।

मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे करने के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पाई है। उनका कहना है कि वित्तीय तंगी का हवाला देकर कर्मचारियों के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों पर लागू केंद्रीय वेतनमान संबंधी अधिसूचना को वापस लेने की मांग दोहराई। साथ ही सभी कर्मचारियों को छठे पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन और 15 प्रतिशत वृद्धि देने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने 1972 के नियमों के आधार पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, लंबित महंगाई भत्ता जारी करने और बंद किए गए विभिन्न भत्तों को बहाल करने की भी मांग रखी। अंततः जिला प्रशासन द्वारा 5 मार्च को मुख्यमंत्री हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक का आश्वासन दिए जाने के बाद कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। अब सभी की नजरें आगामी बैठक पर टिकी हैं।