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कोलकाता में ED की छापेमारी, ममता बनर्जी ने IPAC प्रमुख के घर पहुंच कर जताया विरोध

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत और गर्मा गई है। गुरुवार को चुनाव रणनीति बनाने वाली कंपनी IPAC के प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित घर और कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अचानक मौके पर पहुंच गईं।

ममता बनर्जी IPAC प्रमुख के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पहुंचीं और वहां मीडिया से कहा कि ED उनकी पार्टी के दस्तावेज़ जब्त कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी पार्टी के दस्तावेज़ों के माध्यम से चुनावी रणनीतियों पर नियंत्रण करना चाहती है। ममता ने कहा, “मेरी पार्टी के सभी महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स और हार्ड डिस्क जब्त किए जा रहे थे। मैंने प्रतीक जैन से संपर्क किया और उन्हें दस्तावेज़ सुरक्षित करने के लिए कहा।”

ममता ने इसके बाद साल्ट लेक स्थित IPAC कार्यालय का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के तहत करीब 1.5 करोड़ मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और ऐसी छापेमारी से उनकी पार्टी की रणनीति को हाईजैक करने की कोशिश की जा रही है।

यह घटना 2019 में हुए CBI छापे की याद दिलाती है, जब उस समय के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के बंगले पर रेड हुई थी और ममता उस समय भी मौके पर पहुंची थीं। ममता ने इस बार भी स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी की रणनीतियों और दस्तावेज़ों को किसी भी हाल में जब्त नहीं होने दिया जाएगा।