रिलायंस समूह (ADAG) के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तेजी बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को अंबानी दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए। इससे पहले बुधवार को ईडी ने उनके मुंबई स्थित आलीशान आवास ‘एबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया, जिसकी कीमत 3,716 करोड़ रुपये बताई गई है।
अनिल अंबानी (66) ने सुबह करीब साढ़े 10 बजे ईडी कार्यालय पहुंचकर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अपना बयान दर्ज कराया। यह जांच उनके समूह की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) द्वारा कथित 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक ऋण धोखाधड़ी से संबंधित है। जनवरी में ईडी ने RCom के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का दावा है कि कथित हेराफेरी की गई राशि को RCom की विदेशी अनुषंगी कंपनियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से डायवर्ट किया गया।
ईडी ने अनिल अंबानी और उनके समूह की कंपनियों पर ऋण धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के कई आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस कदम को उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद लिया गया। ED ने कुल तीन मनी लॉन्ड्रिंग मामले दर्ज किए हैं, जिनमें बैंक ऋण धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों की जांच शामिल है। जांच में अब अंबानी की आगे की गतिविधियों और संपत्ति के लेन-देन पर गहन पड़ताल की जा रही है।









