देश के उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके रिलायंस समूह की कंपनियों पर लगातार कार्रवाई की है और अब तक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब 9000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। हाल ही में ED ने अनिल अंबानी समूह से जुड़ी 1400 करोड़ रुपये की नई संपत्तियों को अटैच करने का आदेश दिया है। इससे पहले 7500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी थी। ये संपत्तियां नवी मुंबई, चेन्नई, पुणे और भुवनेश्वर में फैली हुई हैं।
31 अक्टूबर 2025 को PMLA की धारा 5(1) के तहत कुर्की के आदेश जारी किए गए थे। इसमें RHFL और RCFL द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े 40 से अधिक संपत्तियां शामिल थीं। मुंबई के बांद्रा वेस्ट और पाली हिल स्थित उनके आवास भी इसमें शामिल हैं।
अनिल अंबानी समूह की कंपनियों ने कहा है कि कुर्क की गई संपत्तियां मुख्य रूप से रिलायंस कम्युनिकेशन की हैं, जो 6 साल से दिवाला समाधान प्रक्रिया में हैं। रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रा की गतिविधियों पर इसका कोई असर नहीं होगा। 14 नवंबर को ED ने अनिल अंबानी को तलब किया था। शेयर बाजार में भी असर दिखा। गुरुवार को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर 4.10% गिरकर 172 रुपये पर आए, जबकि रिलायंस पावर में मामूली तेजी रही।









