भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में बृजक्षेत्र के लिए 30 हजार करोड़ रुपये के मास्टरप्लान की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने मथुरा-वृंदावन को 646 करोड़ की 118 विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी।
सीएम योगी ने पांचजन्य सभागार में आयोजित साधु-संतों के सम्मान समारोह में कहा कि यह कार्ययोजना मथुरा, वृंदावन, बरसाना और गोकुल जैसे तीर्थस्थलों को द्वापर युग की स्मृतियों से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार संतों की भावनाओं का सम्मान करते हुए असंभव माने जाने वाले कार्यों को भी संभव बना रही है।
118 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 80 परियोजनाओं का लोकार्पण (लगभग 273 करोड़ रुपये) और 38 परियोजनाओं का शिलान्यास (लगभग 373 करोड़ रुपये) किया। इनमें परिक्रमा मार्गों का सौंदर्यीकरण, प्रवेश द्वार, कुंडों का जीर्णोद्धार, श्रद्धालुओं की सुविधा, कनेक्टिविटी, जल एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
आध्यात्मिक विरासत और विकास का संगम
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आध्यात्मिकता और आधुनिक विकास का संगम बन रहा है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम मंदिर और विंध्यवासिनी धाम कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे ये असंभव सपने साकार हुए, वैसे ही बृजक्षेत्र का कायाकल्प भी होगा।
योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण की निष्काम कर्म की प्रेरणा भारत को ताकत देती है। उन्होंने स्वतंत्रता के 78 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए 2047 तक उत्तर प्रदेश को समृद्ध व विकसित बनाने का संकल्प दोहराया।
‘श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी प्राथमिकता’
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा है। उन्होंने यमुना नदी की अविरलता और निर्मलता के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का जिक्र किया और बरसाना में रोपवे जैसी सुविधाओं को बुजुर्गों के लिए राहत बताया।
समारोह में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और संतों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि समाज और सरकार मिलकर भारत की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए समर्पित हैं।









