ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर्स इंडिया वेलफेयर एसोसिएशन (डीसीओआईडब्लयुए) ने मध्य प्रदेश में तीन ड्रग्स कंट्रोल अधिकारियों के निलंबन के विरोध में 8 अक्टूबर को पूरे देशभर में ब्लैक डे मनाया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जी. कोटेश्वर राव द्वारा जारी बयान में कहा गया कि मध्य प्रदेश सरकार ने बिना किसी उचित जांच और प्रक्रिया के तीन अधिकारियों — शोभित कोश्ता (डिप्टी ड्रग्स कंट्रोलर, भोपाल), शरद जैन (ड्रग्स इंस्पेक्टर, जबलपुर) और गौरव शर्मा (ड्रग्स इंस्पेक्टर, छिंदवाड़ा) — को निलंबित कर दिया है। यह कदम प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है और इससे ईमानदारी से कार्य करने वाले अधिकारियों का मनोबल कमजोर होता है।
एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह की मनमानी न केवल जनस्वास्थ्य की सुरक्षा में लगे अधिकारियों को हतोत्साहित करती है, बल्कि नियामक प्रणाली की स्वतंत्रता और पारदर्शिता को भी प्रभावित करती है।
एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट और हिमाचल प्रदेश के दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि 8 अक्टूबर (बुधवार) को देशभर के सभी ड्रग्स कंट्रोल अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर काले बैज पहनकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे गरिमापूर्ण ढंग से एकजुट होकर इस अन्यायपूर्ण निलंबन के खिलाफ आवाज उठाएं।
इस विरोध को एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. हेमंत के. कोषिया (गुजरात), महासचिव बलदेव चौधरी (राजस्थान) सहित कई पदाधिकारियों का समर्थन मिला। एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि निलंबन को तुरंत रद्द किया जाए और ड्रग्स कंट्रोल अधिकारियों की गरिमा एवं स्वायत्तता की रक्षा सुनिश्चित की जाए।









