उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल लखीमपुर खीरी दौरे पर एक बड़ा सामाजिक और विकासात्मक कदम उठाने जा रहे हैं। वे बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र सौंपेंगे, जो आजादी के बाद से दशकों तक अपने अधिकारों से वंचित रहे। इसके साथ ही चंदन चौकी (पालिया) में थारू जनजाति के 4,556 परिवारों को भी भूमि का मालिकाना हक दिया जाएगा, जिससे हजारों परिवारों को स्थायी पहचान और सुरक्षा मिलेगी।
मुख्यमंत्री इस दौरे के दौरान लखीमपुर खीरी, धौराहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों में 417 करोड़ रुपये की 213 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वहीं पालिया, श्रीनगर, निघासन और गोला में 817 करोड़ रुपये की 314 परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। इस तरह कुल मिलाकर 1200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर आ रही शिकायतों पर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए ओवरबिलिंग की समस्या की गहन जांच के निर्देश दिए हैं और विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने को कहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए। सरकार की प्राथमिकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसके लिए स्मार्ट मीटरिंग, पारेषण हानि में कमी, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण और राजस्व सुधार पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल न केवल आम जनता को राहत देगी, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता और भरोसे को भी मजबूत करेगी।









