Delhi

देश की राजधानी में शुरू होगा डिजिटल आबादी देह सर्वे, ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का कानूनी अधिकार

दिल्ली सरकार ने अपने ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी देह का व्यापक सर्वे शुरू कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य गांवों की भूमि पहचान, स्वामित्व और दस्तावेजी अस्पष्टता को समाप्त करना है। सर्वेक्षण प्रक्रिया राजस्व विभाग के नियंत्रण में होगी, जिसमें सर्वे टीम और तकनीकी एजेंसी मिलकर ड्रोन और डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर प्रत्येक गांव का विस्तार से अध्ययन करेंगी।

इस परियोजना के तहत ड्रोन आधारित हवाई सर्वे के जरिए प्रारंभिक नक्शे तैयार किए जाएंगे, जिनका मौके पर सत्यापन (Ground Truthing) भी किया जाएगा। डिजिटल डेटा एकत्र कर प्रत्येक प्लॉट की स्थिति, आकार और सीमाओं को दर्ज किया जाएगा। इसके बाद संपत्ति कार्ड जारी कर ग्रामीणों को वैधानिक स्वामित्व प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कदम स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) के अंतर्गत संपत्ति अधिकार सुनिश्चित करने और दशकों पुराने सीमा विवादों को सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

राजस्व विभाग ने भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ समझौता किया है, और अब तक 48 गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप पार्सल मैप और भू-आधार नंबर तैयार किए जाएंगे। यह आधुनिक प्रक्रिया न केवल ग्रामीण भूमि प्रबंधन को मजबूत करेगी, बल्कि गांवों की विरासत, सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं में सुधार में भी मदद करेगी।

आबादी देह, गांव के आवासीय और सहायक क्षेत्रों को दर्शाता है, जो पारंपरिक सर्वेक्षणों में कृषि भूमि से अलग रखा जाता था। अब डिजिटल सर्वे और संपत्ति कार्ड के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी जमीन का ठोस कानूनी अधिकार मिलेगा। यह पहल दिल्ली के ग्रामीण भूमि प्रबंधन में एक नया अध्याय जोड़ते हुए ग्रामीणों को सुरक्षा, स्पष्टता और वित्तीय संरक्षण प्रदान करेगी। इस सर्वे के माध्यम से दिल्ली सरकार ग्रामीण संपत्ति के अधिकारों को आधुनिक तकनीक से सुनिश्चित कर, पारदर्शिता और न्यायसंगत समाधान का उदाहरण पेश कर रही है।