अहमदाबाद में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ध्रुव जुरेल ने अपने करियर का पहला शतक लगाकर सभी का दिल जीत लिया. उन्होंने 190 गेंदों में यह यादगार शतक पूरा किया, जो टीम इंडिया की जर्सी में उनका पहला अंतरराष्ट्रीय शतक है. जुरेल का जश्न भी उतना ही खास रहा—उन्होंने शतक पूरा करने के बाद बल्ले को राइफल की तरह उठाकर सैल्यूट किया, जो उन्होंने अपने पिता, कारगिल युद्ध के हीरो को समर्पित किया. यह भावुक क्षण दर्शकों के दिल को छू गया.
चोटिल ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में जुरेल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, और उन्होंने इस मौके का शानदार उपयोग करते हुए 210 गेंदों पर 125 रनों की शानदार पारी खेली. इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 3 छक्के जड़े. नंबर 5 पर उतरकर पहले संयम और फिर आक्रामकता दिखाते हुए उन्होंने पहले अर्धशतक और फिर शतक की ओर कदम बढ़ाए. जुरेल का यह प्रदर्शन न सिर्फ उनके करियर के लिए मील का पत्थर है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी उम्मीद की किरण बन गया है.









