दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए सरकार ने GRAP-3 के तहत लागू कड़ी पाबंदियों को हटा दिया है। नए साल की शुरुआत में यह फैसला दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की सब-कमेटी ने यह कदम उठाया।
GRAP-3 हटने के बाद अब कई गतिविधियां दोबारा शुरू हो गई हैं। पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूलों में फिजिकल क्लासेज पूरी तरह बहाल हो गई हैं, जिससे अभिभावकों और छात्रों को राहत मिली है। इसके अलावा गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर लगी रोक भी हटा ली गई है, जिससे हाउसिंग और अन्य निजी प्रोजेक्ट फिर से शुरू हो सकेंगे।
सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और अब 100 प्रतिशत उपस्थिति के साथ काम किया जा सकेगा। वहीं BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर लगा प्रतिबंध भी हटा लिया गया है, जिससे इन गाड़ियों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है।
हालांकि GRAP-3 हटाया गया है, लेकिन GRAP-1 और GRAP-2 के नियम अभी भी लागू रहेंगे। होटल और ढाबों में कोयला या लकड़ी के तंदूर पर रोक जारी रहेगी। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय अनिवार्य होंगे और खुले में कूड़ा जलाने पर सख्त कार्रवाई होती रहेगी। पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे कदम भी फिलहाल लागू रह सकते हैं।









