दिल्ली में इंडिया गेट पर आयोजित प्रदूषण विरोध प्रदर्शन हिंसक मोड़ पर पहुंच गया, जब कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों माओवादी कमांडर माडवी हिडमा के पोस्टर देखे गए। हिडमा हाल ही में आंध्र प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था और उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। पोस्टर और उसकी प्रशंसा में लिखे नारे अचानक सामने आने से राजनीतिक हलचल मची।
प्रदर्शन का आयोजन दिल्ली स्वच्छ वायु समन्वय समिति ने किया था, जिसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण की चेतावनी देना था। लेकिन भीड़ ने यातायात रोक दिया और पुलिस को हटाने का विरोध किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से मिर्च पाउडर और काली मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया। पुलिस ने बैरिकेड तोड़ने और सड़क पर बैठकर आपातकालीन वाहनों के रास्ते रोकने के आरोप में 15 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
हिंसा में तीन से चार पुलिसकर्मी घायल हुए और उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के इस कदम ने प्रदूषण विरोध से राजनीतिक और सुरक्षा संकट की स्थिति पैदा कर दी। यह घटना साफ करती है कि किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन में असामयिक हिंसा और विवादास्पद प्रतीक गंभीर परिणाम ला सकते हैं।









