देश की राजधानी दिल्ली अब तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के कारण एक प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में उभर रही है। हाल ही में लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने बताया कि CERT-In द्वारा संकलित डेटा इस बढ़ते खतरे की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 के बाद से साइबर घटनाओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है और 2025 तक यह लगभग दोगुनी से भी अधिक हो गई। खासतौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सबसे अधिक मामले सामने आना चिंता का विषय है।
सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। CERT-In नियमित रूप से अलर्ट और एडवाइजरी जारी करता है, जिससे लोगों और संस्थानों को समय रहते सतर्क किया जा सके। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र, साइबर स्वच्छता केंद्र और “साइबर भारत सेतु” जैसी पहलों के जरिए सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए बनाए गए प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक लाखों शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए हजारों करोड़ रुपये बचाए जा चुके हैं। जांच एजेंसियों और प्रवर्तन तंत्र ने भी साइबर अपराध से जुड़े मामलों में बड़ी रकम का पता लगाया है और कई आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इन आंकड़ों से साफ है कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है।









