दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की स्थिति पर बेहतर निगरानी रखने के लिए एक अहम पहल शुरू की है। इसके तहत सरकार दो आधुनिक और सुविधाओं से भरपूर विशेष नावें खरीदने की योजना बना रही है। इस परियोजना के लिए करीब 6.20 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रत्येक नाव की अनुमानित लागत लगभग 3.10 करोड़ रुपये होगी।
यह प्रस्ताव सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा 12 मार्च को जारी किए गए टेंडर के माध्यम से सामने आया। अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है और सप्लायर तय होने के बाद नावों की डिलीवरी में लगभग पांच महीने का समय लग सकता है।
इन नावों को खास तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों और विशेष मेहमानों के उपयोग के लिए डिजाइन किया जाएगा, ताकि वे यमुना की सफाई और विकास कार्यों का निरीक्षण सीधे नदी के भीतर जाकर कर सकें। नावों में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, जो इन्हें सामान्य नावों से अलग बनाएंगी।
हर नाव में एयर कंडीशनिंग युक्त बंद केबिन होगा, जिसमें आरामदायक और प्रीमियम श्रेणी की सीटें लगाई जाएंगी। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए पेंट्री, वॉशरूम और लगभग 400 लीटर पानी संग्रह की व्यवस्था भी होगी। एक नाव में करीब 16 से 20 लोगों के बैठने की क्षमता रखी गई है।
नाव के पिछले हिस्से में खुला डेक भी बनाया जाएगा, जहां अधिकारी निरीक्षण के दौरान बैठ सकेंगे या जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक गतिविधियों का संचालन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस कदम से यमुना की निगरानी अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।









