लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को संसद में बहस शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने संबोधन में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में विपक्ष को सबसे अधिक बार रोका और बाधित किया गया।
गोगोई की यह टिप्पणी रिजिजू के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्षी सांसदों ने सदन में असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है और वे इसका जवाब देंगे। कांग्रेस सांसद ने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड देखे जाएंगे तो यह साफ होगा कि किरेन रिजिजू ही ऐसे मंत्री रहे, जिन्होंने विपक्ष को सबसे अधिक बार बाधित किया।
हालांकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रिजिजू का बचाव करते हुए कहा कि व्यवधान तब जरूरी हो जाते हैं जब विपक्ष सदन के नियमों का पालन नहीं करता। उन्होंने कहा कि मौजूदा विपक्ष का रवैया गैर-जिम्मेदाराना रहा है, जिसके कारण संसदीय कार्य मंत्री को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा।
गौरव गोगोई ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि यह अविश्वास प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं लाया गया है, बल्कि सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं की रक्षा के उद्देश्य से पेश किया गया है। इससे पहले कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसे 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिला। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में राजनीतिक माहौल काफी गर्म दिखाई दिया।









