Uttar Pradesh

यूपी में नोएडा, आगरा, वाराणसी समेत आठ शहरों में विकसित होंगे डेटा सेंटर पार्क

उत्तर प्रदेश को डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में आठ डेटा सेंटर पार्कों की स्थापना की योजना बनाई गई है, जिनमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा शामिल हैं। सीएम योगी ने सोमवार, 23 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “नया उत्तर प्रदेश कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति को अपना रहा है। 25,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन के तहत राज्य में एआई पार्क, बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर अवसंरचना, एआई कॉमन्स और एआई विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। यह पहल शासन को मजबूत करेगी, नवाचार को बढ़ावा देगी और युवाओं के लिए भविष्य के अनुकूल अवसर पैदा करेगी।”

विशेषज्ञों का कहना है कि इन डेटा सेंटर पार्कों के विकसित होने से उत्तर प्रदेश देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। राज्य में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के लिए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। योगी सरकार की योजना के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में जमीन की पहचान और आवंटन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि निवेशकों को सुविधा और स्पष्ट मार्गदर्शन मिल सके।

उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनमें एचसीएल, अडानी ग्रुप, एनटीटी डेटा, योट्टा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टर्लाइट टेक्नोलॉजीज और सिफी टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। राज्य में लगभग दो लाख करोड़ रुपये तक के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें कई परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं और कुछ परियोजनाएं निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। इस पहल से उत्तर प्रदेश की डिजिटल अवसंरचना मजबूत होगी और राज्य भारत के तकनीकी और आर्थिक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण डिजिटल हब के रूप में उभरेगा।