देश में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें अपराधियों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बी. आर. गवई के नाम का इस्तेमाल कर दो वरिष्ठ नागरिकों से कुल 6.72 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. यह मामला महाराष्ट्र के नासिक जिले का है, जहां साइबर अपराधियों ने बुजुर्गों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ और CJI की अदालत में पेशी की धमकी देकर उन्हें डराया और बड़ी रकम वसूल ली.
पहले मामले में, 74 वर्षीय अनिल लालसरे को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉलर ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया और आरोप लगाया कि उनके आधार कार्ड से जुड़े क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल फाइनेंशियल फ्रॉड में हुआ है. कॉलर ने धमकी दी कि यदि उन्होंने 72 लाख रुपये का जुर्माना नहीं भरा, तो उन्हें डिजिटल रूप से गिरफ्तार कर न्यायमूर्ति गवई की अदालत में पेश किया जाएगा. डर और मानसिक दबाव में आकर, और शारीरिक रूप से असमर्थ होने के कारण, लालसरे ने बैंक जाकर यह रकम ठगों के बताए खाते में जमा कर दी.
दूसरे मामले में, एक अन्य बुजुर्ग को बताया गया कि उनके सिम कार्ड से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है और उन्हें CBI गिरफ्तार कर सकती है. खुद को बचाने के लिए उस व्यक्ति ने छह करोड़ रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर कर दिए. पुलिस ने इन दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है. यह घटना इस बात का सबूत है कि साइबर ठग अब हाई-प्रोफाइल नामों और तकनीकी शब्दों का इस्तेमाल कर लोगों को शिकार बना रहे हैं. आमजन को ऐसे कॉल से सतर्क रहने की सख्त जरूरत है.









