Delhi

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सीएम रेखा का हमला: “पुरानी सरकारों की लापरवाही का बोझ हम उठा रहे हैं”

दिल्ली में बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजधानी को ऐसी कई समस्याएं मिली हैं, जिन पर वर्षों तक किसी ने गंभीरता से ध्यान ही नहीं दिया. उन्होंने कहा कि “दिल्ली की हवा में बढ़ता जहर नई बात नहीं है, लेकिन इसे अनदेखा करने की पुरानी परंपरा जरूर रही है। रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकारों ने समाधान की जगह असुविधा बढ़ाने वाली नीतियां लागू कीं. उन्होंने ऑड-ईवन को अप्रभावी बताते हुए कहा कि उससे न प्रदूषण कम हुआ, न ही लोगों की मुश्किलें. उनके अनुसार, ऐसे कदमों ने आम नागरिक को परेशानी में डालकर असल मुद्दों से ध्यान भटकाया।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि हर साल बारिश के समय दिल्ली वॉटर लॉगिंग से जूझती थी—मिंटो ब्रिज और आईटीओ जैसे इलाकों में पानी भरना आम बात थी. लेकिन उनकी सरकार ने आते ही 40 साल पुरानी जलनिकासी संबंधी समस्याओं पर काम शुरू किया, जिसके परिणाम इस बार स्पष्ट दिखाई दिए । मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थान लगातार नकारात्मक अभियानों में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि “अगर आलोचना ही करनी है, तो रचनात्मक सुझाव भी दें. सरकार और जनता साथ मिलकर ही बदलाव लाते हैं।

रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए मां की तरह संवेदनशील होकर काम कर रही है. क्लाउड सीडिंग जैसे प्रयोग भी इसी सोच का हिस्सा थे, भले ही वे पूरी तरह सफल न हो पाए हों. उन्होंने बताया कि कूड़ा और लकड़ी का जलना बड़े प्रदूषण स्रोत हैं और रातों-रात हजारों जगह आग लगने की घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं. झुग्गी क्षेत्रों में कच्चे चूल्हों से उठता धुआं भी हवा को जहरीला बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस समस्या को चरणबद्ध तरीके से हल करेगी और दिल्ली की सभी बसों को 2026 तक इलेक्ट्रिक में बदलने की तैयारी तेज कर दी गई है. उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारें विकास को लेकर सिर्फ बयान देती रहीं, लेकिन उनकी सरकार जमीन पर काम कर रही है।