पंजाब सरकार ने प्रदेशवासियों के लिए ज़मीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को बेहद सरल बनाते हुए नई ईज़ी रजिस्ट्री व्यवस्था लागू कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसे राज्य में पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार बताया। उनके अनुसार, अब नागरिक केवल 500 रुपये की मामूली फीस देकर सेवा केंद्रों या ऑनलाइन माध्यम से अपनी सेल डीड तैयार करवा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले संपत्ति की रजिस्ट्री को जटिल, समय लेने वाली और कई चक्कर लगवाने वाली प्रक्रिया के रूप में देखा जाता था। लोगों को संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जाना अनिवार्य था, जिससे देरी, अतिरिक्त खर्च और भ्रष्टाचार की संभावनाएँ बढ़ जाती थीं। नई व्यवस्था में यह बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब किसी भी जिले में स्थित कोई भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय उस जिले के किसी भी क्षेत्र की संपत्ति की रजिस्ट्री कर सकेगा।
सरकार ने दस्तावेज़ जमा करने की समय-सीमा 48 घंटे निर्धारित की है। इस अवधि में अनावश्यक आपत्तियाँ नहीं लगाई जा सकेंगी। यदि कोई आपत्ति आती भी है, तो वह सीधे डिप्टी कमिश्नर को भेजी जाएगी, जो उसकी वैधता की पुष्टि करेंगे। रजिस्ट्री प्रक्रिया के हर चरण की लाइव जानकारी नागरिकों को व्हाट्सएप पर मिलती रहेगी। यदि कोई अधिकारी रिश्वत मांगता है तो उसी प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सरकार ने ड्राफ्ट माई डीड सुविधा भी शुरू की है, जिसके माध्यम से लोग सेवा केंद्रों या सेवा सहायकों की मदद से अपने दस्तावेज़ स्वयं तैयार कर सकते हैं। लेन-देन के अलग प्रमाण की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है, जिससे नागरिकों को बैंक के कई चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्री पूरी होते ही व्हाट्सएप पर पुष्टि भेज दी जाएगी और लोग एक ही विज़िट में अपना दस्तावेज़ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने इसे प्रशासनिक सुधारों का ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे नागरिकों को तेज़, सरल और पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित होंगी।









