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LAC के पास रेल पहुंचाने की तैयारी में चीन, भारत के लिए खतरे की घंटी

एक तरफ जहां अमेरिका के टैरिफ के खिलाफ चीन भारत के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है. वहीं, दूसरी ओर चीन भारत को बड़ा झटका देते हुए नई रेल परियोजना शुरू करने जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, चीन ने शिनजियांग प्रांत को तिब्बत से जोड़ने वाली बड़ी और महत्वपूर्ण रेल परियोजना पर काम शुरू करने की तैयारी कर ली है. यह रेल लाइन भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास से गुजरेगी और तिब्बत को शिनजियांग से जोड़ेगी. यह भारत के अक्साई चिन क्षेत्र से होकर जाएगी, जो पहले से ही दोनों देशो के बीच विवाद का विषय है. साथ ही, यह नेपाल की सीमा और 2017 के डोकलाम विवाद वाली संवेदनशील चंबी घाटी तक भी पहुंचेगी.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए चीन ने सरकारी स्वामित्व वाली शिंजियांग-तिब्बत रेलवे कंपनी (XTRC) का गठन किया है, जो निर्माण और संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी.

यह रेल लाइन शिनजियांग के होतान से तिब्बत के ल्हासा तक जाएगी, जो करीब 2000 किमी लंबी होगी. इसकी शुरुआत तिब्बत के शिगात्से से होगी, जो नेपाल की सीमा के साथ उत्तर-पश्चिम में चलेगी, फिर अक्साई चिन से होकर शिनजियांग के होतान तक पहुंचेगी. यह रेखा कुनलुन, कराकोरम, कैलाश और हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं से होकर गुजरेगी, जहां औसत ऊंचाई 4500 मीटर से ज्यादा होगी. ग्लेशियर, जमी नदियां और परमाफ्रॉस्ट जैसे कठिन हालात इसे बनाने में चुनौतीपूर्ण बनाते हैं.

वहीं, अभी तक भारत ने इस रेल लाइन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन भारत भी अपनी सीमा पर बुनियादी ढांचा मजबूत कर रहा है ताकि चीन के साथ कदम से कदम मिलाकर अपनी सेना को तेजी से तैनात कर सके. फिर भी, चीन की यह परियोजना न सिर्फ महत्वाकांक्षी है, बल्कि आक्रामक भी मानी जा रही है.