भारत ने बंगाल की खाड़ी में एक व्यापक NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि देश जल्द ही लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर सकता है. यह चेतावनी 15 से 17 अक्टूबर के बीच के लिए है और 3550 किलोमीटर के क्षेत्र को नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है.
इस बीच हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका और चीन के जासूसी जहाजों की मौजूदगी बढ़ गई है, जिससे यह साफ होता है कि वैश्विक शक्तियाँ भारत की मिसाइल गतिविधियों पर करीब से नजर रख रही हैं. चीन का युआन वांग 5 नामक ट्रैकिंग जहाज हाल ही में मलेशिया के पोर्ट क्लैंग से रवाना होकर हिंद महासागर पहुंच चुका है. यह जहाज चीन के मिसाइल और उपग्रह ट्रैकिंग नेटवर्क का हिस्सा है और अंतरिक्ष तथा बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों को ट्रैक करने में सक्षम है.
उधर, अमेरिका का ओशन टाइटन नामक अनुसंधान पोत भारत के पश्चिमी तट के पास गश्त करता देखा गया है. 1989 में बने इस जहाज में आधुनिक निगरानी और सर्वेक्षण उपकरण लगे हैं, जिनका इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जाता है. भारत का संभावित मिसाइल परीक्षण उसकी बढ़ती रणनीतिक क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जा रहा है. यह परीक्षण न केवल भारत की सैन्य ताकत को दर्शाता है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है.









