शिमला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिन्दल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार 20 माह का सफ़र कहाँ तो 2022 में गारंटी फ़ॉर्म, सोचने की भी आवश्यकता नहीं कहाँ 28 लाख बहनों को 1500 ₹ माह देते हुए हज़ारों करोड़ रूपये दे देंगे, कहाँ 300 युनिट बिजली निशुल्क देते हुए बिजली बोर्ड का भट्टा बिठा देंगे क्योंकि हमें तो वोट चाहिए ये दृष्टि 2022 में थी। डॉ बिन्दल ने कहा कि बदलते हुए स्वर, बदलती हुई भाषा आज हिमाचल प्रदेश की माली हालत खराब है इसकी दुहाई दे रहे हैं। उन्होनें पूछा कि क्या ये वही कांग्रेस है जो कहती थी कि 1 लाख नौकरियाँ पहली कैबिनेट में मिलेंगी? और ये कोई एक नेता नहीं बोला इनके राष्ट्रीय स्तर से आए नेता और कांग्रेस के सभी छोटे-बड़े नेता पहली कैबिनेट में 1 लाख नौकरियां, 18 वर्ष की आयु से उपर की सभी बहनों को 1500 ₹ महीना, सबको 300 युनिट बिजली फ्री देने की बात कर रहे थे। कोई राजस्थान से आया, कोई मध्य प्रदेश से आया, कोई छत्तीसगढ़ से आया, कोई झारखण्ड से आया हर किसी ने अपना फ़ॉर्मूला लगाया, हिमाचल प्रदेश को प्रयोगशाला बनाया और प्रयोगशाला बनाकर सत्ता प्राप्त कर ली परन्तु सत्ता प्राप्ति के बाद स्वर बदल गए, बदले-बदले मेरे सरकार नजर आए। डॉ बिन्दल ने कहा कि अब दोषारोपण का दौर चल पड़ा है और दोषारोपण पिछली सरकारो पर कर रहे हैं, केन्द्र सरकार पर कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि गारंटियां तो कांग्रेस ने दी और अब 20 माह में ही प्रदेश सरकार का इंजन हांफ गया। क्या इसी प्रकार चलता रहेगा? अब प्रश्न खड़ा होता है कि दोबारा आने वाले चुनाव के अंदर कांग्रेस पार्टी केजरीवाल की बी टीम बनकर और कोई गारंटियां तो नहीं देगी। केवल वोट प्राप्त करना हिमाचल के हित में नहीं, वोट तो प्राप्त करना है परन्तु आप को तो होड़ लगी थी कि जयराम सरकार ने 125 युनिट बिजली निशुल्क दी तो हम 300 युनिट बिजली निःशुल्क देंगे। किसान का वोट लेना था तो 100 ₹ लीटर दूध लेंगे, 2 ₹ किलो गोबर लेंगे, वोट के लिए कुछ भी बोलेंगे। सच में हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार ने हिमाचल प्रदेश के विकास का भट्ठा बिठाया, संस्थान बंद किए और आज फिर बोल रहे हैं कि जहां जरूरी होगा वहां खोलेंगे। उन्होनें कहा कि जनता को आवश्यकता थी तभी पीएचसी खोले, पटवार सर्कल खोले, स्कूल खोले, कॉलेज खोले, तहसीले खोली, कार्यालय खोले, आप क्या सर्टीफाई कर रहे हो कि जनता को आवश्यकता नहीं थी और बिना आवश्यकता के खोल दिया गया। सच में जिस प्रकार का व्यवहार वर्तमान सरकार ने पिछले 20 माह में किया है ऐसी अपेक्षा किसी भी सरकार से नहीं की जा सकती।









